
बोनयारी、मुझे ऐसा लगता है कि मुझे सिर्फ चीजों को देखते नहीं रहना चाहिए、ख़ूब कहा है。सिर्फ वही नहीं जो कहा गया था、मैं भी कहने वाला बन गया。
हाल ही में、बोनयारी、किसी तरह、मुझे लगता है यह बहुत बुरा नहीं है、मैं सोचने लगी थी。की अपेक्षा、मैं यह भी सोचने लगा हूं कि यह महत्वपूर्ण है।。जब मैं इस तरह सोचना शुरू करता हूं、मैं फिर कुछ नहीं देख सकता。
अँधेरे में、तरकीब यह है कि चीजों को फोकस से बाहर ले जाएं और चीजों को किनारे से देखें।。यह कुछ-कुछ वैसा ही है。जान-बूझकर、यदि आप ध्यान केंद्रित करेंगे तो आप कुछ भी नहीं देख पाएंगे。उसे ब्लाइंड स्पॉट कहा जाता है。