
ब्रूघेल का "टॉवर ऑफ़ बैबेल" टोक्यो मेट्रोपॉलिटन आर्ट म्यूज़ियम में आ रहा है、अभी तक देखा नहीं है。बॉश और ब्रूघेल、वैन आइक के बाद、तथाकथित "उत्तम तेल चित्रकला तकनीक" के परिप्रेक्ष्य से、पहली नज़र में यह एक भोली-भाली तकनीक लगती है।。
यह、एक प्रणाली जो काले और सफेद रेखाचित्र के ऊपर एक पारदर्शी रंग की परत चढ़ा देती है、ड्राइंग शैली के करीब जिसे हर किसी ने बचपन में अनुभव किया था。यहीं से "अपरिपक्व भावना" आती है।、इसके विपरीत,、मुझे लगता है कि अगर किसी का मन हो तो वह इस तरह की तस्वीर बना सकता है।、इसका मत。यह लियोनार्डो या रूबेन्स की तरह है।、उन प्रतिभाओं से जो हमारी पहुंच से परे हैं、क्या ऐसा कुछ नहीं है जो हमेशा हमारे करीब हो = कुछ ऐसा जो हमें आधुनिक महसूस कराता हो?。

